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ACK-SPL-H-Mahatma Gandhi

Wednesday, 18/03/2026 07:57 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
विशेष अंक
Category
ACK
Language
Hindi
ACK-SPL-H-Mahatma Gandhi

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महात्मा गाँधी

            राष्ट्र पिता

अमर चित्र कथा द्वारा प्रकाशित यह कॉमिक्स “महात्मा गांधी के जीवन की घटनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत करती है। सत्य और अहिंसा के पुजारी – महात्मा गांधी, भारत के इतिहास में एक ऐसे महान व्यक्ति के तौर पर जन्म लिए, जिसने बिना हथियार के पूरे अंग्रेजी साम्राज्य को झुका दिया।

यह कहानी है मोहनदास करमचंद गांधी की, जिन्हें दुनिया आज महात्मा गांधी के नाम से जानती है। गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास बचपन से ही शांत और शर्मीले स्वभाव के थे। उनकी माता अत्यंत धार्मिक थीं और उन्होंने गांधीजी को सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पाठ सिखाया। में दिखाया गया है कि कैसे एक बार गांधीजी ने छोटी सी गलती की और बाद में अपने पिता के सामने पत्र लिखकर स्वीकार किया। इस घटना ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी — सच बोलना चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो गांधीजी कानून की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए। वहाँ उन्होंने पश्चिमी सभ्यता को करीब से देखा, लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति को कभी नहीं छोड़ा। वे हमेशा सादगी और अनुशासन में विश्वास रखते थे। कॉमिक्स के मध्य भाग में उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना दिखाई गई है — जब गांधीजी को ट्रेन से सिर्फ इसलिए बाहर फेंक दिया गया क्योंकि वे भारतीय थे। यह घटना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी। उन्होंने निर्णय लिया कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे, लेकिन हिंसा से नहीं — बल्कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर। दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और सत्याग्रह की शुरुआत की। भारत लौटने के बाद गांधीजी ने देश की स्थिति देखी उन्होंने पूरे देश का भ्रमण किया और लोगों को जागरूक किया।

कॉमिक्स में आगे दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने: चंपारण आंदोलन से किसानों की मदद की उन्होंने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की। लोगों को विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करने को कहा। उन्होंने सिखाया कि “स्वराज” हमारा अधिकार है। गांधीजी ने चरखा चलाकर स्वदेशी और सादगी का प्रचार किया। वे साधारण कपड़े पहनते थे और लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते थे। कॉमिक्स के अंतिम पन्नों में दिखाया गया है कि कैसे गांधीजी ने लाखों लोगों को बिना हिंसा के एकजुट किया। उनका संदेश स्पष्ट था: “यदि हम सत्य और अहिंसा पर अडिग रहें, तो कोई भी शक्ति हमें दबा नहीं सकती।”  महात्मा गांधी ने हमें सिखाया कि:सच्चाई सबसे बड़ी ताकत है, अहिंसा से भी बड़ी जीत हासिल की जा सकती है, बदलाव की शुरुआत खुद से करनी चाहिए।

इस कॉमिक्स से यह निष्कर्ष निकालता है की किस प्रकार से एक साधारण से दिखने वाले व्यक्ति ने अपने दृढ़ संकल्प, सत्य और अहिंसा के बल पर पूरे देश को आज़ादी दिलाने की दिशा दिखाई। गांधीजी केवल एक व्यक्ति नहीं थे — वे एक विचार थे, एक प्रेरणा थे, जो आज भी हमें सही मार्ग पर चलने की सीख देते हैं।

 

 

 

 

 

  • शीर्षक : महात्मा गाँधी-राष्ट्र पिता
  • श्रेणी : दूरदृष्टा
  • अंक/संख्या : विशेषांक
  • कुल पृष्ठ : 68
  • भाषा : हिंदी
  • प्रथम प्रकाशित : प्रथम -2008, पुनर्प्रकाशन 2022
  • प्रकाशक : अमर चित्र कथा प्राइवेट लिमिटेड

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