रामायण
युद्ध कांड
रामायण विश्व के महानतम महाकाव्यों में से एक महाकाव्य है। राम और सीता की कहानी बहादुरी, साहस, प्रेम और निष्ठा, मानवी भावनाएं और दुखदायी गलतियां तथा बुराई पर अच्छाई की विजय से ओतप्रोत कालजयी कथा है। भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति की महत्त्वपूर्ण जानकारियां देनेवाला रामायण हमारी विरासत का अभिन्न अंग है। पाँच हजार वर्ष पूर्व ऋषि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखी गई इस कथा ने सभी के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस कथा ने सभी के मन को छू लिया है। भारत के हर राज्य में, लगभग हर भाषा में इस कथा के संस्करण देखने को मिलते हैं। जैसे नृत्य, नाटक, कठपुतली, चित्रकला और रामायण के दृश्यों को दर्शाते शिल्पकला | महान भक्तों द्वारा रचित रामायण के गीतों को शास्त्रीय और लोकसंगीत में विशेष स्थान प्राप्त हैं। पूरे एशिया महाद्वीप में इस कथा का प्रचार-प्रसार हुआ है। तिब्बत, चीन, जापान, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनिशिया (बाली) और फिलिपिन्स जैसे देशों में इस कथा के अनूठे रूप पाए जाते हैं। अमर चित्र कथा द्वारा ये पुनर्कथन वाल्मीकि रचित मौलिक महाकाव्य पर आधारित है जिसमें सात काण्ड या पुस्तकें हैं, जिनमें 645 अध्याय समाविष्ट हैं।
अमर चित्र कथा द्वारा प्रकशित यह कॉमिक्स उसी वाल्मीकि रामायण के "छठे भाग"-युद्ध काण्ड पर आधारित है, जिसमें भगवान राम और लंकापति रावण के बीच होने वाले महान युद्ध की कहानी दिखाई गई है।
कॉमिक्स की शुरुआत समुद्र के किनारे से होती है, जहाँ भगवान राम अपनी वानर सेना के साथ समुद्र पार लंका जाने की योजना बनाते हैं। तब समुद्र उनके मार्ग में बाधा बनता है। राम समुद्र देव से मार्ग देने की प्रार्थना करते हैं, लेकिन जब समुद्र की तरफ से उन्हें कोई उत्तर नहीं मिलता हैं, तो वे क्रोधित होकर अपना धनुष उठाते हैं। तब समुद्र देव प्रकट होकर उन्हें सेतु (रामसेतु) बनाने का सुझाव देते हैं। वानर सेना के वीर, नल और नील के नेतृत्व में समुद्र पर पत्थरों का पुल बनाया जाता है। पूरी सेना “जय श्री राम” के नारों के साथ लंका की ओर बढ़ती है। जैसे ही राम की सेना लंका पहुँचती है, रावण के सैनिकों के साथ भीषण युद्ध शुरू हो जाता है। वानर सेना और राक्षसों के बीच घमासान युद्ध होता है। अंगद, सुग्रीव, हनुमान जैसे वीर राक्षसों को परास्त करते हैं। रावण के कई शक्तिशाली योद्धा जैसे अकम्पन, प्रहस्त, अतिकाय आदि मारे जाते हैं।
रावण का भाई विभीषण, जो धर्मप्रिय है, रावण को सीता को लौटाने की सलाह देता है। लेकिन रावण अहंकार में उसकी बात नहीं मानता और उसे अपमानित कर देता है। विभीषण राम के पास जाकर शरण लेते हैं। राम उन्हें अपनाते हैं और लंका की सेना तथा रहस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं। रावण का पुत्र इन्द्रजीत (मेघनाद) अत्यंत शक्तिशाली और मायावी योद्धा होता है। वह अदृश्य होकर युद्ध करता है और अपने दिव्य अस्त्रों से राम और लक्ष्मण को घायल कर देता है। एक समय ऐसा आता है जब लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। तब हनुमान हिमालय से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। रावण का विशालकाय भाई कुंभकर्ण भी युद्ध में उतरता है। वह अत्यंत बलशाली होता है और वानर सेना में भारी तबाही मचाता है। लेकिन अंत में भगवान राम अपने दिव्य अस्त्रों से कुंभकर्ण का वध कर देते हैं। रावण और राम का युद्ध अपने चरम पर पहुँचता है। रावण स्वयं मैदान में उतरता है।
राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध होता है। रावण के दस सिर और अपार शक्ति के बावजूद, राम धैर्य और धर्म के साथ लड़ते हैं। विभीषण की सहायता से राम को रावण की कमजोरी का पता चलता है रावण की नाभि में अमृत है। अंततः राम ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करके रावण का वध कर देते हैं। रावण के मरने के बाद लंका में शांति स्थापित होती है। विभीषण को लंका का राजा बनाया जाता है। भगवान राम सीता को मुक्त कराते हैं और उनकी अग्नि परीक्षा के बाद उन्हें पुनः स्वीकार करते हैं। अंत में, राम, सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटते हैं और राम का राज्याभिषेक होता है, यानी धर्म और सत्य की विजय होती है। इस प्रकार इस कॉमिक्स का मुख्य सन्देश है,
1. अहंकार का अंत निश्चित है,
2. धर्म और सत्य की हमेशा जीत होती है,
3. सच्ची भक्ति और निष्ठा (हनुमान) सबसे बड़ी शक्ति है।
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