राष्ट्र नायक सुभाषचंद्र बोस
भारत की स्वतंत्रता के दीर्घकालीन संघर्ष में असंख्य भारतवासियों का योगदान रहा है। जिन्होंने अपना सर्वस्व देकर मातृभूमि को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक के इतिहास को दृष्टिगत करने पर कई महापुरूषों व राष्ट्र सपूतों के नाम उभर कर आते हैं। इन्हीं में अग्रणी नाम है नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का। अदभुत प्रज्ञा, आत्मबल व नेतृत्व क्षमता से पूरित सुभाषचन्द्र बोस ने विद्यार्थी काल से ही अपना जीवन ध्येय निर्धारित कर लिया था और वह था राष्ट्र की स्वाधीनता के लिए पूर्ण समर्पण।
कॉलेज शिक्षा के समय 1920 में इग्लैण्ड से आई. सी. एस. की परीक्षा वरियता सूची में चतुर्थ स्थान के साथ उत्तीर्ण करने के बाद त्यागपत्र देकर भारत लौटे तो स्वतंत्रता सेनानी देशबन्धु चितरंजनदास के साथ राष्ट्र सेवा की शुरूआत की और शीघ्र ही स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता बन गए। महात्मा गांधी के साथ कांग्रेस से जुड़े और अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस को जन जन तक पहुँचाया, जिससे वो अंग्रेजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गये। उन्हें बार-बार जेल में बन्द कर उनका मनोबल को तोड़ने का प्रयास अंग्रेजों ने किया किन्तु असफल रहे। महात्मा गांधी के साथ मतभेद के कारण कांग्रेस से अलग होना पड़ा किन्तु वे इसके बाद नई विस्मयकारी एवं बड़ी भूमिका के साथ उभरे। आजाद हिन्द फौज का अकल्पनीय गठन कर वे भारत ही नहीं विश्व पटल पर छा गये। मां भारती के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का सम्पूर्ण जीवन हर भारतवासी को गौरवान्वित व रोमांचित करने वाला है।
द्वितीय युद्ध के समय जापान व जर्मनी के सहयोग के साथ आजाद हिन्द फौज भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने 'दिल्ली चलो' नारे के साथ विजयी होते हुए भारत भूमि में प्रवेश कर चुकी थी। किन्तु विश्व युद्ध के परिणाम से परिस्थितियाँ परिवर्तित हो गई। नेताजी व आजाद हिन्द फौज के विराट प्रयास निष्फल नहीं हुए। नेताजी ने जन-जन के हृदय में स्वाधीनता का शंखनाद कर दिया था। आजाद हिन्द फौज के साहसिक युद्ध के कारण अंग्रेज भयभीत हो चुके थे। यही कारण है कि द्वितीय विश्व युद्ध में अंग्रेजों की विजय के बाद भी उन्हें शीघ्र भारत को छोड़कर जाना पड़ा। भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का योगदान प्रमुख ही नहीं अतुलनीय भी है।
ऐसे राष्ट्र नायक को शत-शत नमन....।

शीर्षक : राष्ट्र नायक सुभाषचंद्र बोस
संख्या: ……..
कुल पृष्ठ : 52
भाषा : हिंदी
प्रकाशक : शौर्यभूमि पब्लिकेशन
प्रथम प्रकाशित : 2024
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