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क्षत्राणी की सैनाणी

Tuesday, 01/09/2026 06:38 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
NA
Category
Other Pub.
Language
Hindi
क्षत्राणी की सैनाणी

क्षत्राणी की सैनाणी

क्षत्राणी की सैनाणी

राजस्थान का शौर्यपूर्ण इतिहास पूरे विश्व को सदैव आकर्षित करता रहता है। यहां के हर अंचल का अनूठा इतिहास है। सदियों से अपनी संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा कें लिए यहां की छोटी-बड़ी रियासतें आक्रमणकारियों से संघर्ष करती रही.........कई बार उजड़ी, फिर आबाद हुई। संघर्षों का अनवरत दौर चलता रहा। मरूभूमि के सपूतों ने सदा ही अपने प्राण तक न्यौछावर करके अपनी मातृभूमि के आत्म सम्मान की रक्षा की। विभिन्न रियासतों का इतिहास अनगिनत वीर सपूतों व वीरांगनाओं की बलिदान गाथाओं से भरा पड़ा है। भारत ही नहीं पूरे विश्व में सर्वस्व अर्पण की ऐसी पवित्र भावना दुर्लभ है। महाराणा प्रताप, भामाशाह, दुर्गादास राठौड़ व पन्नाधाय जैसे चरित्रों का सम्पूर्ण जीवन हर राष्ट्रप्रेमीको रोमांचित व गौरवान्वित करता रहा है। 
'क्षत्राणी की सैनाणी' नामक कथानक भी मेवाड़ रियासत में घटित ऐतिहासिक व प्रेरणादायी घटना पर आधारित है। हाड़ौती (बूंदी रियासत) की बेटी इन्द्र कंवर जो कि मेवाड़ के महत्वपूर्ण ठिकाने सलूम्बर के रतन सिंह की नवविवाहिता थी, ने अपने प्राण देकर अपने कर्त्तव्य विमुख सेनानायक पति को सही राह दिखाई। हाड़ी रानी जैसा बलिदान विश्व इतिहास में कहीं नहीं मिलता। इस वीरांगना के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर वह महत्व या प्रसिद्धि नहीं मिली, जो मिलनी चाहिए। हां स्व. मेघराज मुकुल की अमर कविता 'सैनाणी' ने अवश्य इसे राजस्थान के जन-जन तक पहुंचाया। ऐसी कालजयी कविता पढ़कर ही मेरे मन में इस बलिदान को चित्रकथा के रूप में तैयार करने का विचार आया। और मुझे प्रेरित किया वरिष्ठ साहित्यकार श्रद्धेय पिता श्री शम्भु सिंह जी राजावत 'अल्पज्ञ' ने। आप की प्रेरणा से ही मैं अपने विचार को यथार्थ रूप में परिवर्तित कर पाया। 'हाड़ी रानी' के अतिरिक्त इस ऐतिहासिक कथा में किशनगढ़ की राजकुमारी 'चारूमती' का चरित्र भी अपने धर्म व संस्कृति के लिए संघर्षशील ललना के रूप में उभर कर आया जो हम सबके लिए प्रेरक है। आशा है, हाड़ी रानी के प्राणोत्सर्ग की घटना, इस पुस्तक के माध्यम से बालकों, युवाओं में अपनी मातृभूमि, अपने राष्ट्र के प्रति कुछ कर गुजरने की भावना जगाने में सहायक होगी। हाड़ी रानी के बलिदान को हम सब का नमन्। ब्रजराज राजावत (लेखक) !

शीर्षक : क्षत्राणी की सैनाणी

संख्या: ……..

कुल पृष्ठ : 24

भाषा : हिंदी

प्रकाशक : शौर्यभूमि पब्लिकेशन

प्रथम प्रकाशित : 2015

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