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भगवान को क्यों मानें?

Wednesday, 16/09/2026 11:48 AM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
NA
Category
Other Pub.
Language
Hindi
भगवान को क्यों मानें?

भगवान को क्यों मानें?

भगवान को क्यों मानें ?

ओम् भूर्भुवः स्वः। तत्सवितर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात।
ओम् भूर्भुवः स्वः। तत्सवितर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात।
इस 'गायत्री मन्त्र' द्वारा परमात्मा की प्रार्थना व गुणगान किया गया है।
हे प्राणस्वरूप, दुःखहर्ता और सर्वव्यापक, आनन्द के देने वाले प्रभो! आप सर्वज्ञ और सकल जगत के उत्पादक हैं, हम आपके उस पूजनीयतम्, पापनाशक स्वरूप तेज
का ध्यान करते हैं. जो हमारी बुद्धियों को प्रकाशित करता है। हे पिता आपसे हमारी बुद्धि कदापि विमुख न हो । आप हमारी बुद्धियों में सदैव प्रकाशित रहें और हमारी बुद्धियों को सत्कर्मों में प्रेरित करें, ऐसी हमारी प्रार्थना है।

  • शीर्षक : भगवान को क्यों मानें ?
  • कुल पृष्ठ : 28
  • भाषा : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट

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