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ADCK-H-09-Jassa Singh Ahluwalia

Wednesday, 25/03/2026 05:17 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
09
Category
ADCK
Language
Hindi
ADCK-H-09-Jassa Singh Ahluwalia

ADCK-H-09-Jassa Singh Ahluwalia

Category 1
Category 3
NA
Category 4
NA

जस्सा सिंह अहलूवालिया

अठ्ठारहवीं शताब्दी के प्रारम्भ में भारत के उत्तरी राज्यों में परस्पर विरोधों के कारण बहुत हलचल मची हुई थी। मुग़ल तो केवल नाम मात्र के बादशाह थे। अफ़गानिस्तानी धीरे-धीरे भारत में घुस आए और उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों को लूट लिया। उसी समय मराठे भी उत्तर भारत में सत्ता प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। बद्र बहादुर को कठोर फाँसी देने के बाद सिक्ख सेना भंग हो जाने पर भी सिक्ख योद्धा अफ़गानियों से शासन-सत्ता छीनने के लिए भारी संख्या में सैना तैयार कर रहे थे। इस उपद्रव काल में जस्सा सिंह आहलूवालिया नामक एक सिक्ख योद्धा ने स्वतन्त्र सिक्ख राज्य को दृष्टि में रखकर विभिन्न सिक्ख सेनाओं को संयुक्त करके खालसा दल की स्थापना की। सिक्ख देश का निर्माण करने की आकाँक्षाओं के साथ-साथ जस्सा सिंह अपनी महान् सैन्य-प्रवीणता तथा राजनैतिक दूरदर्शिता के कारण उग्र एवं निपुण सिक्ख योद्धाओं का प्रिय बन गया और यहाँ तक की वह सभी अपने शत्रुओं के विरुद्ध भीषण व्यूह-रचना बनाकर भारी संख्या में जस्सा सिंह के झण्डे के नीचे एकत्रित हुए। आहलू नामक छोटे से गाँव में उत्पन्न जस्सा सिंह श्राहजूवालिया को उसके अनुयायी को 'बादशाह' कहते थे। उसने स्वयं को कभी बादशाह नहीं कहा लेकिन यह कुछ प्रसिद्ध है कि उसकी उपलब्धियों ने एक स्वतन्त्र सिक्ख राष्ट्र की स्थापना के लिए मार्ग निर्मित किया।

  • आदर्श चित्रकथा 
  • शीर्षक
  • संख्या : 09
  • कुल पृष्ठ : 36
  • लिपि : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्गस सेंट्रल इंटरप्राइजेज नई दिल्ली-13 
  • प्रकाशन वर्ष :......

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