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Chaturang Katha-H-513-Roopmati

Sunday, 29/03/2026 06:33 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
513
Category
Chaturang
Language
Hindi
Chaturang Katha-H-513-Roopmati

Chaturang Katha-H-513-Roopmati

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रूपमती

रूपमती मालवा में धर्मपूरी के राठौड़ राजपूत, ठाकूर थानसिंह की पुत्री थी। वह बीन बजाने और कविता करने में कुशल थी। उसके सौंदर्य और गुणों की प्रशंसा पूरे मालवा में फैल गयी। मांडू के शासक सुल्तानं वाजिद खान से, जो बाज़ बहादुर के नाम जाना जाता था, उसका प्रेम सच्चे प्रेम की कहानी है ! प्रेम की वेदी पर हुए उसके अंतिम बलि- हान ने उसे ही अमर नहीं बनाया बल्कि इतिहास के वृत्तांत में मालवा के लिए जी एक स्थान बना दिया। रूपलती के उच्म के बारे में बहुत उलूके हुए विचार मिलते हैं- कुछ इतिहासकार उसे राजपूत राजकुमारी नहीं मानते। बाज़ बहादुर से उसके प्रेत्र तक के बारे में विवाद है, अकबरनामा में रूपमती को बाज़ बहादुर की पत्नी के रूप में अदर मिला है, पर इतिहासकार फ़रिश्ता उसे एक दरबारी नर्तकी के रूप प्रस्तुत करता है। हम ऐतिहासिक उलझनों और झगडों से अलग हटते हुए रूपमती और बाज़ बहादुर की कहानी को एक शुद्ध प्रेमकथा के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जो केवल मालवा के लोगों को ही प्रिय नहीं है, बल्कि प्रत्येक उस हृदय को भी, जो भावोद्वेलित कहानी से घड़क उठता है।

 

  • शीर्षक           :  रूपमती
  • अंक               : 513
  • कुल पृष्ठ         : 36
  • भाषा             : हिंदी 
  • प्रकाशक       : इंडिया बुक हाउस 
  • प्रकाशन वर्ष  : ____

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