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Chaturang Katha-H-505-Vichitra Balidan

Sunday, 29/03/2026 08:18 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
505
Category
Chaturang
Language
Hindi
Chaturang Katha-H-505-Vichitra Balidan

Chaturang Katha-H-505-Vichitra Balidan

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विचित्र बलिदान वेताल की कहानियाँ

राजा विक्रमादित्य को एक साधु के लिए एक 'वेताल' को पकड़कर लाना था। शर्त यह थी कि राजा को पूरे रास्ते चुप रहना होगा। लेकिन वेताल बहुत चालाक था, वह राजा को कहानियां सुनाता और अंत में उनसे एक कठिन सवाल पूछता। जैसे ही राजा जवाब देने के लिए मुँह खोलते, वेताल उड़कर वापस उसी पेड़ पर जा बैठता। जहाँ से राजा ने उसे उठा कर लाया होता था। 

इस कॉमिक्स में पहली कहानी विचित्र बलिदान है, यह कहानी एक धोबी के बेटे की है जिसे एक सुंदर लड़की से प्रेम हो जाता है। वह देवी के मंदिर में मन्नत माँगता है कि यदि उसकी शादी उस लड़की से हो गई, तो वह अपने सिर की बलि दे देगा। शादी के बाद, जब वह अपनी पत्नी और मित्र के साथ मंदिर पहुँचता है, तो अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए अपना सिर काट लेता है। उसे मरा हुआ देख उसका मित्र और फिर उसकी पत्नी भी दुखी होकर जान देने की कोशिश करते हैं।  तभी देवी प्रकट होती हैं और पत्नी को वरदान देती हैं कि वह दोनों के सिर वापस जोड़ दे। घबराहट में पत्नी गलती से पति का सिर मित्र के शरीर पर और मित्र का सिर पति के शरीर पर लगा देती है। वेताल पूछता है कि अब उसका असली पति कौन है? राजा विक्रमादित्य इसका क्या उत्तर देते हैं? इसे जानने के लिए इस कॉमिक्स को पढ़ें!
इसी कॉमिक्स में दूसरी कहानी मदनसेना की है, मदनसेना एक व्यापारी की बेटी है। शादी से पहले उसने एक युवक सोमदत्त से वादा किया था कि वह अपनी शादी की रात उससे मिलने आएगी। जब वह अपना वादा निभाने रात में घर से निकली, तो रास्ते में उसे एक चोर मिला। मदनसेना ने चोर को अपनी पूरी कहानी सुनाई और वादा किया कि लौटते समय वह उसे अपने सारे गहने दे देगी।  जब वह सोमदत्त के पास पहुँची, तो सोमदत्त ने उसे पराई स्त्री मानकर वापस जाने को कह दिया। लौटते समय चोर ने भी उसकी सच्चाई देखकर उसे बिना लूटे जाने दिया। अंत में वेताल पूछता है कि इनमें सबसे महान कौन था?  इसे जानने के लिए भी इस कॉमिक्स को पढ़ें! 

  • चतुरंग कथा (अनुवादित)
  • शीर्षक            : विचित्र बलिदान
  • अंक               : 505
  • कुल पृष्ठ         : 36
  • भाषा             : हिंदी 
  • प्रकाशक       : इंडिया बुक हाउस 
  • प्रकाशन वर्ष  : ....

नोट: यह कॉमिक्स 'टीम मधुर संग्रह' द्वारा अनुवादित है!

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